समस्तीपुर: समस्तीपुर जिले को ‘सुकन्या जिला’ बनाने की पहल शुरू हो चुकी है। केंद्रीय संचार मंत्रालय की सहमति मिलने के बाद डाक प्रमंडल ने इस प्रस्ताव को आगे बढ़ा दिया है। उम्मीद जताई जा रही है कि मार्च से पहले इस पर अंतिम मुहर लग सकती है। यदि सब कुछ योजना के अनुसार हुआ, तो समस्तीपुर देश का पहला ऐसा जिला होगा जिसे ‘सुकन्या जिला’ के रूप में पहचान मिलेगी।
पांच वर्ष से कम आयु की बच्चियों पर विशेष फोकस
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पांच साल से कम उम्र की प्रत्येक बालिका तक योजना का लाभ पहुंचाना है। सरकार चाहती है कि बेटियों को भविष्य के लिए मजबूत आर्थिक सुरक्षा मिले, ताकि उनकी पढ़ाई, शादी और अन्य बड़े खर्चों में किसी तरह की आर्थिक बाधा न आए।
पहले चरण में शहरी क्षेत्र की पहचान पूरी
अभियान के पहले चरण में नगर निगम क्षेत्र की लगभग साढ़े चार हजार बच्चियों की पहचान की जा चुकी है। अब दूसरे चरण की तैयारी चल रही है, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा। ग्रामीण डाकघरों के अंतर्गत आने वाले गांवों में सर्वे कराया जाएगा और घर-घर जाकर आधार कार्ड बनवाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद नजदीकी डाकघर में भारतीय डाक विभाग के माध्यम से सुकन्या समृद्धि खाता खोला जाएगा।
सुकन्या समृद्धि योजना का व्यापक अभियान
भारतीय डाक विभाग के जरिए चलाई जा रही सुकन्या समृद्धि योजना केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना है, जो बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान का हिस्सा है। जिले में अब तक 86 हजार से अधिक खाते खोले जा चुके हैं। विभाग इस समय ‘डाकघर खाता हर घर, घर-घर डाकघर’ थीम के तहत मेगा ड्राइव चला रहा है।
योजना की प्रमुख शर्तें और लाभ
इस योजना के अंतर्गत 0 से 10 वर्ष तक की बालिका के नाम पर खाता खोला जा सकता है। खाता खोलने के लिए न्यूनतम 250 रुपये जमा करना अनिवार्य है। इसमें 15 वर्षों तक राशि जमा करनी होती है और 21 वर्ष पूरे होने पर पूरी रकम खाताधारक को दे दी जाती है। यह योजना बेटियों के सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है।







