नोएडा : नोएडा में श्रमिकों द्वारा वेतन वृद्धि की मांग को लेकर जारी प्रदर्शन मंगलवार को पांचवें दिन में प्रवेश कर गया। हालात को देखते हुए प्रशासन ने शहर के कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी है। इसके बावजूद कुछ स्थानों से छिटपुट विरोध और झड़पों की खबरें सामने आई हैं, जिससे तनाव का माहौल बना हुआ है।
हिंसा के बाद पुलिस सख्त
सोमवार को हुई हिंसक घटनाओं के बाद पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है। सेक्टर-121 और नोएडा फेस-2 जैसे इलाकों में कुछ उपद्रवियों द्वारा तोड़फोड़ और हंगामा करने की घटनाएं सामने आईं। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए भीड़ को तितर-बितर किया और प्रभावित क्षेत्रों को खाली कराया।
आंसू गैस और फायरिंग से हालात काबू में
गढ़ी चौखंडी इलाके में प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और हवाई फायरिंग भी करनी पड़ी। पुलिस का कहना है कि यह कदम हालात को नियंत्रण में रखने के लिए उठाया गया।
सैकड़ों गिरफ्तार, जांच जारी
पुलिस आयुक्त के अनुसार, हिंसा से जुड़े मामलों में अब तक सात मुकदमे दर्ज किए गए हैं और 300 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है। साथ ही, प्रदर्शन को भड़काने वाले अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
फिर जुटे प्रदर्शनकारी, सड़क जाम की कोशिश
मंगलवार को भी नोएडा फेस-2 में कुछ श्रमिक फिर से इकट्ठा हुए और विरोध जताते हुए पत्थरबाजी की। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया। वहीं, सेक्टर-74 स्थित एक सोसाइटी के बाहर सुरक्षाकर्मियों और सफाईकर्मियों ने भी सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और जाम लगाने की कोशिश की। उनका कहना है कि लंबे काम के बावजूद उन्हें पर्याप्त वेतन नहीं मिल रहा है।
सरकार का फैसला और अपील
इस बीच योगी सरकार ने श्रमिकों के न्यूनतम वेतन में 21 प्रतिशत बढ़ोतरी का फैसला लिया है। वहीं राजीव कृष्णा ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन सभी पक्षों से बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है, ताकि आम लोगों को कम से कम परेशानी हो और स्थिति सामान्य बनी रहे।






