पटना : पटना में आज महिलाओं ने बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरकर अपनी राजनीतिक भागीदारी और अधिकारों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। गांधी मैदान में आयोजित “जन आक्रोश महिला पदयात्रा” में बिहार के विभिन्न जिलों से आई महिलाओं ने हिस्सा लिया। हाथों में पोस्टर लिए प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे महिलाओं को उनका हक देने में बाधा बन रहे हैं।
जंजीर में बंधी महिला बनी विरोध का प्रतीक
इस पदयात्रा के दौरान एक महिला खुद को जंजीरों में बांधकर पहुंची, जो विरोध का खास प्रतीक बन गई। उसने कहा कि यह कदम इस बात को दर्शाने के लिए है कि महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 33 प्रतिशत आरक्षण उनकी प्राथमिक मांग है और इसे हर हाल में लागू किया जाना चाहिए। अन्य महिलाओं ने भी कहा कि वे किसी भी हालत में पीछे हटने वाली नहीं हैं और अपने सम्मान और अधिकार के लिए संघर्ष जारी रखेंगी।
मंत्री श्रेयसी सिंह का विपक्ष पर हमला
इस कार्यक्रम में खेल मंत्री श्रेयसी सिंह भी शामिल हुईं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में विपक्षी दलों पर महिलाओं के मुद्दों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि जब भी महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की बात होती है, विपक्ष इसे गंभीरता से नहीं लेता। उन्होंने यह भी कहा कि कई अध्ययनों में यह साबित हो चुका है कि महिला नेतृत्व से स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव आते हैं, इसके बावजूद महिलाओं को पर्याप्त राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं दिया जा रहा।
ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव, लोगों से सहयोग की अपील
पदयात्रा को देखते हुए गांधी मैदान के आसपास ट्रैफिक व्यवस्था में कई बदलाव किए गए। ट्रैफिक पुलिस ने सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऑटो और ई-रिक्शा के संचालन पर कुछ मार्गों पर रोक लगाई। कुछ रूट्स को डायवर्ट किया गया ताकि भीड़ और जाम की स्थिति से बचा जा सके। ट्रैफिक अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की कि वे नियमों का पालन करें और प्रशासन का सहयोग करें, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।







