डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो की रुबाया कोल्टन खदान में भूस्खलन, 200 से अधिक लोगों की मौत

न्यूज डेस्क: अफ्रीका के देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) के पूर्वी क्षेत्र में स्थित रुबाया कोल्टन खदान में भीषण भूस्खलन से कम से कम 200 लोगों की मौत हो गई। यह दर्दनाक घटना भारी बारिश के बाद हुई, जिसने पूरे इलाके को तबाह कर दिया। सरकारी अधिकारियों और विद्रोही गुट दोनों ने इस त्रासदी की पुष्टि की है। आशंका है कि मृतकों की संख्या अभी और बढ़ सकती है, क्योंकि कई लोग अब भी मलबे और कीचड़ में दबे हुए हैं।

दो दिनों में दो बड़े भूस्खलन

जानकारी के मुताबिक यह हादसा 28 या 29 जनवरी 2026 को हुआ। बुधवार को पहला भूस्खलन हुआ, जिसमें पहाड़ी का बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया। इसके बाद गुरुवार को दूसरा भूस्खलन हुआ। लगातार हो रही तेज बारिश से मिट्टी कमजोर हो गई थी, जिससे खदान के कई हिस्सों में पानी और कीचड़ भर गया। उस समय वहां बड़ी संख्या में मजदूर हाथ से कोल्टन खनन का काम कर रहे थे।

मजदूरों और स्थानीय लोगों पर सबसे ज्यादा असर

इस दुर्घटना में खदान में काम करने वाले मजदूरों के अलावा बच्चे और बाजार में फल-सब्जियां बेचने वाली महिलाएं भी शामिल थीं। कुछ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, लेकिन 20 से अधिक लोग घायल हैं और उनका अस्पताल में इलाज जारी है। बचाव कार्य जारी है, हालांकि कीचड़ और अस्थिर जमीन के कारण राहत कार्य में काफी मुश्किलें आ रही हैं।

रणनीतिक महत्व की खदान

रुबाया खदान उत्तर किवु प्रांत में स्थित है और यह गोमा शहर से लगभग 60 किलोमीटर दूर है। यह क्षेत्र दुनिया में कोल्टन की सबसे बड़ी आपूर्ति करने वाले इलाकों में गिना जाता है। कोल्टन से टैंटलम धातु निकाली जाती है, जिसका उपयोग स्मार्टफोन, लैपटॉप, कंप्यूटर और विमान इंजनों सहित कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में किया जाता है। अनुमान है कि वैश्विक कोल्टन उत्पादन का 15 से 30 प्रतिशत हिस्सा इसी क्षेत्र से आता है।

असुरक्षित आर्टिसनल माइनिंग

रुबाया खदान हाथ से खनन यानी आर्टिसनल माइनिंग के लिए जानी जाती है। यहां हजारों गरीब लोग छोटे-छोटे गड्ढे खोदकर कोल्टन निकालते हैं। सुरक्षा मानकों की कमी और नियमों के अभाव के कारण ऐसे हादसे यहां अक्सर होते रहते हैं। मजदूरों को बेहद खतरनाक परिस्थितियों में काम करना पड़ता है।

संघर्ष और विद्रोही नियंत्रण

पूर्वी कांगो पिछले तीन दशकों से संघर्ष की चपेट में है, जहां 100 से अधिक सशस्त्र समूह सक्रिय हैं। विद्रोही संगठन एम23 ने 2021 के बाद फिर से सक्रिय होकर कई इलाकों पर कब्जा कर लिया। अप्रैल 2024 में इस समूह ने रुबाया खदान पर भी नियंत्रण स्थापित कर लिया था। बताया जाता है कि एम23 खदान से टैक्स वसूलता है और वहां के संचालन पर नियंत्रण रखता है। कांगो सरकार इस संगठन को आतंकवादी समूह मानती है।

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