रांची : झारखंड में मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत कई महिलाओं को शुरुआती तीन-चार किस्तें मिलने के बाद भुगतान बंद हो गया था। इस संबंध में राज्यभर से लगातार शिकायतें मिल रही थीं। अब सरकार ने ऐसे पात्र लाभुकों को दोबारा राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सामाजिक सुरक्षा निदेशालय ने सभी जिलों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और योग्य लाभुकों की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
इन कारणों से रुके पैसे
जांच में सामने आया है कि कई मामलों में दस्तावेजों की त्रुटि या अधूरी जानकारी के कारण भुगतान अटक गया। कुछ लाभुकों के आधार कार्ड, राशन कार्ड या बैंक पासबुक में गड़बड़ी पायी गयी। नाम, जन्मतिथि, पता या बैंक खाता संख्या गलत दर्ज होने, बैंक खाते का आधार से लिंक न होने या आधार और बैंक रिकॉर्ड में अंतर होने जैसी समस्याएं भी सामने आयी हैं।
दस्तावेज सुधार की प्रक्रिया
निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि जिन लाभुकों के कागजात में त्रुटियां हैं, उन्हें सुधारने की प्रक्रिया पूरी करायी जायेगी। जिलों को निर्देश दिया गया है कि आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराकर पात्र महिलाओं को दोबारा योजना का लाभ दिलाया जाये, ताकि केवल तकनीकी कारणों से किसी भी योग्य महिला का भुगतान न रुके।
51.02 लाख राशि भेजी गयी
राज्य में लगभग 51 लाख महिलाओं को इस योजना के तहत हर महीने 2,500 रुपये दिये जाते हैं। यह राशि सीधे लाभुकों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है। इसके लिए विभाग जिलों को समय-समय पर राशि उपलब्ध कराता है। पिछले महीने 51.02 लाख लाभुकों के खातों में राशि भेजी गयी थी।
फरवरी की राशि होली से पहले मिलेगी
सामाजिक सुरक्षा निदेशालय ने निर्देश जारी किया है कि फरवरी माह की किस्त होली से पहले लाभुकों के खातों में पहुंच जाये। इस माह के अंत तक सभी पात्र महिलाओं को एक माह की राशि ट्रांसफर करने की तैयारी पूरी कर ली गयी है। सरकार का उद्देश्य है कि सभी योग्य लाभुकों को समय पर योजना का लाभ मिल सके।
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