चकदहा : पश्चिम बंगाल के चकदहा में आयोजित एक जनसभा के दौरान योगी आदित्यनाथ ने राज्य की राजनीति और भविष्य को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने नदिया जिले की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का जिक्र करते हुए कहा कि यह भूमि चैतन्य महाप्रभु की परंपरा से जुड़ी रही है और अब यहां बदलाव का समय आ गया है।
ममता सरकार पर सीधा हमला
मुख्यमंत्री ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार को कानून-व्यवस्था, विकास और सांस्कृतिक मुद्दों पर घेरते हुए कहा कि राज्य में वर्तमान शासन जनता की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर पाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ कर रही है और पहचान की राजनीति को बढ़ावा दे रही है।

डबल इंजन सरकार का वादा
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अगर राज्य में भाजपा की “डबल इंजन” सरकार बनती है, तो पश्चिम बंगाल में भी तेज विकास, बेहतर सुरक्षा और सांस्कृतिक पुनर्जागरण देखने को मिलेगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए दावा किया कि वहां पिछले वर्षों में बड़े पैमाने पर उद्योग स्थापित हुए हैं और रोजगार के अवसर बढ़े हैं।
यूपी मॉडल का जिक्र
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में हजारों उद्योग स्थापित हुए हैं और लाखों युवाओं को रोजगार मिला है। साथ ही, बड़ी संख्या में एमएसएमई इकाइयां सक्रिय हैं, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों की स्थिति में सुधार हुआ है और विकास हर क्षेत्र में नजर आ रहा है।
सांस्कृतिक और धार्मिक संदर्भ
मुख्यमंत्री ने अयोध्या में राम मंदिर अयोध्या के निर्माण का उल्लेख करते हुए इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह काम लंबे समय से लंबित था, जिसे वर्तमान केंद्र सरकार के नेतृत्व में पूरा किया गया।
चुनावी अपील और नारे
सभा में योगी ने भाजपा प्रत्याशी बंकिम चंद्र घोष के समर्थन में मतदान की अपील की। उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि इस बार ऐसा मतदान होना चाहिए जिससे अन्य दलों के उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो जाए।
भाषा और पहचान पर बयान
उन्होंने बंगाल की भाषा और संस्कृति पर जोर देते हुए कहा कि राज्य की पहचान उसकी बांग्ला भाषा और परंपराओं से है। साथ ही, उन्होंने कुछ नेताओं के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नदिया की सांस्कृतिक विरासत वैष्णव परंपरा और सनातन मूल्यों से जुड़ी है, जिसे और मजबूत किया जाएगा।
“खेला खत्म, विकास शुरू” का संदेश
अपने संबोधन के अंत में योगी आदित्यनाथ ने राज्य की राजनीति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अब “खेला” नहीं बल्कि विकास का समय है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में बंगाल में नई राजनीतिक दिशा देखने को मिलेगी।






