न्यूज़ डेस्क : अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध अब 17वें दिन में प्रवेश कर चुका है। इस संघर्ष ने न केवल पश्चिम एशिया बल्कि दुनिया के कई देशों में चिंता बढ़ा दी है। भारत में भी इस युद्ध को लेकर चर्चा तेज है और कई जगहों पर ईरान के प्रति सहानुभूति देखने को मिल रही है। खासतौर पर एक स्कूल पर हुए हमले में बड़ी संख्या में बच्चों की मौत की खबर सामने आने के बाद लोगों की भावनाएं और अधिक संवेदनशील हो गई हैं।
स्कूल पर हमले के बाद बढ़ा आक्रोश
फरवरी 2026 में ईरान के दक्षिणी शहर मिनाब में एक लड़कियों के स्कूल पर मिसाइल हमला हुआ, जिसमें लगभग 165 छात्रों और कर्मचारियों की मौत की खबर सामने आई। इस घटना ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भी इसकी निंदा की। इस घटना के बाद भारत के कई शहरों में युद्ध के खिलाफ प्रदर्शन हुए और कुछ संगठनों ने अमेरिका-इजरायल की कार्रवाई की आलोचना करते हुए शांति की अपील की।
नई दिल्ली स्थित ईरान दूतावास में उमड़ा लोगों का सैलाब
युद्ध में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करने के लिए नई दिल्ली स्थित Embassy of Iran in New Delhi में तीन दिनों के लिए ओपन कंडोलेंस बुक रखी गई। यहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और पीड़ित परिवारों के प्रति शोक व्यक्त किया।इस दौरान कई भारतीय नागरिकों ने दूतावास से अनुरोध किया कि वे ईरान के प्रभावित लोगों के लिए आर्थिक सहायता, दवाइयां और मेडिकल उपकरण भेजना चाहते हैं, ताकि युद्ध से प्रभावित नागरिकों की मदद की जा सके।
दान के लिए बैंक अकाउंट जारी, लेकिन आई तकनीकी दिक्कत
लोगों की इस अपील के बाद दूतावास ने सहायता राशि भेजने के लिए एक बैंक खाता सार्वजनिक किया। बताया गया कि यह खाता State Bank of India में खोला गया है। हालांकि कुछ समय बाद कई लोगों को ऑनलाइन ट्रांसफर करते समय ट्रांजेक्शन फेल का संदेश मिलने लगा। इससे दान देने वाले लोगों में भ्रम और परेशानी की स्थिति पैदा हो गई। दूतावास के अनुसार तकनीकी कारणों से फिलहाल ऑनलाइन ट्रांसफर में कुछ दिक्कतें आ रही हैं और इसे जल्द ठीक करने की कोशिश की जा रही है।
GPay से भुगतान न करने की अपील
दूतावास ने अपने आधिकारिक संदेश में लोगों से फिलहाल Google Pay जैसे यूपीआई माध्यमों से भुगतान न करने की अपील की है, क्योंकि इससे भुगतान सफल नहीं हो पा रहा है। साथ ही यह भी कहा गया कि जो लोग सहायता देना चाहते हैं, वे सीधे दूतावास आकर नकद रूप में भी अपनी मदद जमा कर सकते हैं।
जल्द जारी हो सकता है QR कोड
दूतावास की ओर से यह भी संकेत दिया गया है कि भविष्य में दान प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए एक QR कोड सिस्टम शुरू किया जा सकता है। इसके बाद लोग सीधे स्कैन करके सहायता राशि भेज सकेंगे।
मानवीय संकट पर वैश्विक चिंता
इस युद्ध ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आधुनिक युद्धों में सबसे ज्यादा नुकसान आम नागरिकों और बच्चों को ही क्यों उठाना पड़ता है। कई अंतरराष्ट्रीय नेताओं और संगठनों ने भी युद्धविराम और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह संघर्ष लंबा चलता है, तो इसका असर सिर्फ मध्य-पूर्व ही नहीं बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था, तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है।






