रांची: पश्चिमी एशिया में जारी संघर्ष के कारण कई देशों में हालात गंभीर बने हुए हैं। लगातार हो रहे हमलों और हजारों उड़ानों के रद्द होने से बड़ी संख्या में लोग अलग-अलग देशों में फंसे हुए हैं। 28 फरवरी के बाद हालात और अधिक बिगड़ते जा रहे हैं। इसी पर चिंता जताते हुए हेमंत सोरेन ने 2 मार्च को नरेंद्र मोदी से अपील की कि खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं।
खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर गंभीर चिंता
मुख्यमंत्री ने खाड़ी देशों की मौजूदा स्थिति को बेहद चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते हालात भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं। इसलिए वहां रह रहे भारतीयों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
केंद्र सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग
सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सोरेन ने प्रधानमंत्री के साथ-साथ विदेश मंत्री एस जयशंकर से भी अनुरोध किया कि जो भारतीय नागरिक खुद को असुरक्षित या फंसा हुआ महसूस कर रहे हैं, उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित भारत लाने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि इस दिशा में आवश्यक और त्वरित कदम उठाना बेहद जरूरी है।
झारखंड सरकार का सहयोग का आश्वासन
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि झारखंड सरकार विदेश में फंसे राज्य के लोगों की हर संभव सहायता करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर केंद्र सरकार के साथ समन्वय कर त्वरित निर्णय लिए जाएंगे।
प्रवासियों से सतर्क रहने की अपील
सोरेन ने खाड़ी देशों में रह रहे झारखंड और देश के अन्य हिस्सों के लोगों से अपील की कि वे मौजूदा परिस्थितियों में सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक निर्देशों का पालन करें।
हेल्पलाइन और सहायता तंत्र सक्रिय
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से झारखंड के लोगों से कहा कि किसी भी आपात स्थिति में राज्य के प्रवासी नियंत्रण कक्ष के हेल्पलाइन नंबर पर तुरंत संपर्क करें। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार ने आवश्यक सहायता तंत्र को सक्रिय कर रखा है और जरूरत पड़ने पर हर संभव मदद दी जाएगी।
सुरक्षित वापसी के लिए संयुक्त प्रयास
सोरेन ने दोहराया कि राज्य और केंद्र सरकार मिलकर काम करेंगे ताकि कोई भी झारखंडी या भारतीय नागरिक असुरक्षित स्थिति में न रहे। उन्होंने भरोसा जताया कि हर नागरिक की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी प्रयास किए जाएंगे।







