न्यूज़ डेस्क : स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव के बीच भारत के 22 जहाज फिलहाल पश्चिमी हिस्से में फंसे हुए हैं। सरकार की ओर से इन जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
सभी भारतीय नाविक सुरक्षित, हालात पर नजर
बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने जानकारी दी कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय जहाज से जुड़ी कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई है। साथ ही, पोत परिवहन महानिदेशालय, जहाज मालिकों, एजेंसियों और भारतीय दूतावासों के साथ मिलकर स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
तनाव के चलते प्रभावित हुआ अहम समुद्री मार्ग
पर्सियन गल्फ को खुले समुद्र से जोड़ने वाला यह अहम मार्ग हालिया हमलों के बाद बेहद संवेदनशील हो गया है। ईरान पर यूनाइटेड स्टेट्स और इजराइल के हमलों के बाद यहां जहाजों की आवाजाही पर असर पड़ा है, जिससे कई जहाजों को रुकना पड़ा।
भारत पहुंचे LPG से लदे जहाज, सप्लाई को राहत
इस बीच राहत की खबर भी सामने आई है। एलपीजी टैंकर ‘नंदा देवी’ गुजरात के कांडला बंदरगाह पहुंच चुका है, जबकि इससे एक दिन पहले ‘शिवालिक’ जहाज मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचा था।
दोनों जहाज मिलकर करीब 92,712 टन एलपीजी लेकर आए हैं, जो देश की एक दिन की घरेलू गैस जरूरत के बराबर मानी जा रही है। ये जहाज 13 मार्च को रवाना हुए थे और अगले दिन सुरक्षित रूप से जलडमरूमध्य पार कर गए थे।
मिडिल ईस्ट में अब भी मौजूद कई भारतीय जहाज
तनाव शुरू होने के समय इस क्षेत्र में कुल 28 भारतीय ध्वज वाले जहाज मौजूद थे। अब पश्चिमी हिस्से में 22 और पूर्वी हिस्से में केवल 2 जहाज रह गए हैं।
पूर्वी हिस्से में मौजूद ‘जग लाडकी’ नामक टैंकर करीब 80,800 टन कच्चा तेल लेकर भारत की ओर बढ़ रहा है और उस पर सवार सभी 22 भारतीय सुरक्षित हैं। वहीं, ‘जग प्रकाश’ जहाज सुरक्षित रूप से आगे बढ़ते हुए तंजानिया की दिशा में जा चुका है।
सरकार का फोकस: सभी जहाजों की सुरक्षित आवाजाही
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में मौजूद बाकी भारतीय जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार समन्वय किया जा रहा है।
फिलहाल पश्चिमी क्षेत्र में मौजूद 22 जहाजों में एलपीजी और एलएनजी टैंकर, कच्चे तेल के जहाज, कंटेनर शिप और अन्य कार्गो पोत शामिल हैं। कुछ जहाज खाली हैं, जबकि कुछ रखरखाव के लिए ड्राई डॉक में हैं। सरकार का कहना है कि हालात पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है ताकि सभी भारतीय जहाज और नाविक सुरक्षित रह सकें।






