कफ सिरप पीने से कई बच्चों की मौ’त, सरकार ने लगाया दवाई पर बैन

न्यूज डेस्क: कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने से 11 बच्चों की मौत की खबर सामने आई है । जी हां हाल में ही मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में यह घटना घटी है। जिसके बाद केंद्र सरकार ने एडवाइजरी जारी करते हुए दो साल से कम उम्र के बच्चों को खांसी और सर्दी की दवाइयां नहीं देने के लिए कहा है।

डॉक्टर हुआ गिरफ्तार

प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कफ सिरप लिखने वाले डॉक्टर प्रवीण सोनी को गिरफ्तार कर लिया है। परासिया थाना में डॉक्टर प्रवीण सोनी और कोल्ड्रिफ सिरप बनाने वाली कंपनी sresun फार्मासूटिकल के संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गयी थी।

सरकार ने जारी की गाइडलाइन

सरकार की नई गाइडलाइन में कहा गया है कि 2 साल से कम उम्र के बच्चों को खांसी और जुकाम की दवाएं खुद से बिल्कुल न दें। जबकि 5 साल से कम उम्र के बच्चों को भी ये दवाएं सिर्फ डॉक्टर की सलाह पर ही दें। घर पर रखी पुरानी खांसी या जुकाम की दवा का उपयोग करने से बचें। यदि लक्षण लंबे समय तक बने रहें या बच्चे को सांस लेने में परेशानी हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। सरकार ने कहा है कि आम जनता को जागरूक करने के लिए इस चेतावनी को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाया जाए।

क्यों लगा बैन

जांच में कोल्ड्रिफ कफ सिरप में डायएथिलीन ग्लाइकोल की मात्रा अधिक होने की पुष्टि के बाद सरकार और प्रशासन अलर्ट मोड में हैं। जिसके बाद सरकार ने कोल्ड्रिफ सिरप की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया।वहीं इस सिरप की बिक्री पूरे मध्य प्रदेश में प्रतिबंधित कर दी गई है। इस सिरप को बनाने वाली कंपनी के अन्य उत्पादों पर भी प्रतिबंध लगाया जा रहा है।

दरसल, तमिलनाडू के सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने कांचीपुरम की श्रीसन फार्मास्युटिकल्स द्वारा निर्मित कोल्ड्रिफ कफ सिरप के सैंपल लिए थे। इसमें खतरनाक केमिकल डाईएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) पाए गए हैं। जिसके पीने से मध्यप्रदेश और राजस्थान में बच्चों की मौत हो गई थी।

डॉक्टर की सलाह पर ले दवाई

बदलते मौसम में सर्दी जुकाम आम सी बात है। मौसम बदलते ही इसका असर स्वास्थ्य पर पड़ने लगता है। कभी बारिश, कभी गर्मी से सर्दी जुकाम जैसी समस्या होने लगती है और इसका असर बच्चों पर काफी होता है। बच्चों की इम्यूनिटी कमजोर होने की वजह से सर्दी-खांसी जैसी समस्याएं उन्हें सबसे ज्यादा परेशान करने लगती हैं। इस वजह से अक्सर घर में रखी हुई कफ सिरप का लोग इस्तेमाल करते है। अगर ऐसा है तो सावधान हो जाए। कोई भी दवा बिना डॉक्टर के सलाह लिए बिना न बच्चों को दे न बड़े बुजुर्ग को दे।

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