आसनसोल : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकाल में राज्य का आर्थिक और सामाजिक ढांचा गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। मोदी ने इसे “पाप का घड़ा भर गया” बताते हुए, सत्ता बदलाव को अपरिहार्य करार दिया।
बंगाल की अर्थव्यवस्था पर चिंता
प्रधानमंत्री ने राज्य की आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए बताया कि राष्ट्रीय जीडीपी में पश्चिम बंगाल का योगदान पहले 12 प्रतिशत था, जो अब घटकर सिर्फ पांच प्रतिशत रह गया है। उन्होंने कहा कि निवेश की कमी और उद्योगों के ठहराव ने राज्य के औद्योगिक विकास को प्रभावित किया है।
आसनसोल में सिंडिकेट और माफिया का आरोप
मोदी ने आसनसोल को उदाहरण देते हुए कहा कि यहां सिंडिकेट राज, कोयला और रेत माफिया का वर्चस्व है। उनका दावा है कि तृणमूल सरकार के कार्यकाल में यह क्षेत्र अपने औद्योगिक और सामाजिक विकास में पिछड़ गया है।
भाजपा की विकास योजनाओं का भरोसा
प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया कि भाजपा की केंद्र और राज्य में ‘डबल इंजन’ सरकार उद्योगों और व्यापार को पुनर्जीवित करने के लिए सक्रिय है। उन्होंने बताया कि आसनसोल के औद्योगिक पुनरुद्धार के लिए केंद्र सरकार ने 45,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।
आसनसोल और दुर्गापुर में मेगासिटी की संभावना
मोदी ने कहा कि आसनसोल और दुर्गापुर दोनों में बड़े औद्योगिक और शहरी विकास की क्षमता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भाजपा नीत सरकार इन क्षेत्रों के विकास को साकार करने के लिए कदम उठाएगी।
महिलाओं की सुरक्षा पर केंद्रित ध्यान
प्रधानमंत्री ने एसिड अटैक और महिलाओं पर अत्याचार के मामलों को लेकर तृणमूल कांग्रेस की आलोचना की। उन्होंने कहा कि भाजपा ही महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाली पार्टी है और राज्य में महिला अधिकारों की रक्षा करेगी।
निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने का दावा
मोदी ने आश्वस्त किया कि भाजपा सरकार के आने पर न केवल औद्योगिक निवेश बढ़ेगा, बल्कि रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। उनका कहना था कि राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का काम भाजपा ही कर सकती है।
सत्ता परिवर्तन के लिए जनता का समर्थन
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि बंगाल की जनता सत्ता परिवर्तन चाहती है। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकाल में राज्य में प्रशासनिक और सामाजिक चुनौतियां बढ़ गई हैं, और बदलाव अब अपरिहार्य है।






