नालंदा : मां शीतला मंदिर मघड़ा में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। पूजा के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे थे, तभी अचानक भीड़ के बीच अफरा-तफरी मच गई। हालात इतने बिगड़ गए कि लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे और इस दौरान कई लोग एक-दूसरे के नीचे दब गए।
घटना में कई जानें गईं, कई घायल
इस भगदड़ में अब तक 9 महिलाओं की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं। घायलों को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है।
सरकार ने किया मुआवजे का ऐलान

इस हादसे पर नीतीश कुमार ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के लिए कुल 6 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। इसमें 4 लाख रुपये आपदा प्रबंधन विभाग और 2 लाख रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष से दिए जाएंगे। साथ ही, अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि घायलों का बेहतर इलाज सुनिश्चित किया जाए।
केंद्र और अन्य नेताओं ने जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना पर शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने कहा कि यह हादसा अत्यंत दुखद है और इसमें अपनों को खोने वाले परिवारों के प्रति उनकी गहरी संवेदनाएं है।

वहीं बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दुख प्रकट किया है। सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर दुख जताते हुए कहा कि सरकार घायलों के बेहतर उपचार के लिए प्रतिबद्ध है और पीड़ितों को संबल प्रदान करने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे है।
वहीं इस के साथ, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की। तेजस्वी यादव ने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की. साथ ही शोकाकुल परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।

प्रशासन अलर्ट, राहत कार्य जारी
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। वरिष्ठ अधिकारियों को घटनास्थल पर तैनात किया गया है और बचाव कार्य लगातार जारी है। अस्पतालों को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि घायलों को समय पर इलाज मिल सके।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ऐसे आयोजनों में बेहतर भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा इंतजाम और योजना बनाना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।







