1 अप्रैल से भारत में शुरू होगी डिजिटल जनगणना, पहली बार जुटेगी जाति और लिव-इन डेटा

दिल्ली : देश में 1 अप्रैल 2026 से 16वीं जनगणना की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। यह अब तक की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें नागरिक स्वयं ऑनलाइन अपने विवरण दर्ज कर सकेंगे। सरकार ने इस बार कुल 33 सवालों की सूची तैयार की है, जिनके जरिए परिवार, शिक्षा, रोजगार, आवास और वाहनों जैसी जानकारियां जुटाई जाएंगी। खास बात यह है कि पहली बार जाति से संबंधित डेटा भी डिजिटल फॉर्म में संग्रहित किया जाएगा।

ऑनलाइन ‘सेल्फ-एन्युमरेशन’ की सुविधा

जनगणना में घर-घर जाकर आंकड़े जुटाने के साथ-साथ नागरिक स्वयं सरकारी पोर्टल के माध्यम से ‘सेल्फ-एन्युमरेशन’ कर सकते हैं। इसके लिए हर नागरिक को 11 अंकों की एक यूनिक आईडी बनानी होगी, जिसे घर आने वाले जनगणना अधिकारी को बताना अनिवार्य होगा। यह सुविधा अप्रैल से सितंबर तक उपलब्ध रहेगी।

दो चरणों में पूरी होगी जनगणना

जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी। पहला चरण ‘हाउसलिस्टिंग’ (HLO) होगा, जिसमें घर और परिवार से जुड़ी जानकारी ली जाएगी। दूसरा चरण ‘जनसंख्या गणना’ का होगा, जिसमें व्यक्तिगत और सामाजिक विवरण दर्ज किए जाएंगे। दोनों चरणों के दौरान ऑनलाइन विवरण देने का विकल्प मौजूद रहेगा।

नई पहल: लिव-इन रिलेशनशिप और अन्य संवेदनशील जानकारियां

इस बार सवालों में लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़ा प्रश्न भी शामिल किया गया है। जोड़े अपने रिश्ते को किस रूप में मानते हैं, यह जानकारी दर्ज की जाएगी। इसके अलावा परिवार की संरचना, बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं से जुड़ी जानकारी, शिक्षा स्तर, रोजगार, आजीविका और संपत्ति के अधिकार जैसे सवाल पूछे जाएंगे।

मोबाइल ऐप और स्थानीय अधिकारियों की भूमिका

जनगणना 2026 के लिए एक मोबाइल ऐप भी तैयार किया गया है, जो 16 भाषाओं में उपलब्ध होगा। इस ऐप के माध्यम से नागरिक आसानी से अपनी जानकारी दर्ज कर पाएंगे। इसके साथ ही स्कूल शिक्षक, सरकारी कर्मचारी, नोडल ऑफिसर, तहसीलदार और एसडीएम जनगणना कार्य में सहयोग करेंगे।

गोपनीयता और डेटा सुरक्षा

महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने स्पष्ट किया कि इस बार एकत्र किए गए व्यक्तिगत आंकड़े पूरी तरह गोपनीय रखे जाएंगे। सरकार का कहना है कि यह डेटा भविष्य में योजनाओं और नीतियों की रूपरेखा बनाने में उपयोगी होगा।

नेशनल वाइड प्रक्रिया: 1 अप्रैल से 31 अगस्त तक

देशभर में जनगणना प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से 1 अप्रैल से 31 अगस्त तक पूरी की जाएगी। नागरिकों को समय पर अपनी जानकारी ऑनलाइन या अधिकारियों के माध्यम से दर्ज करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

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